Anjan Kumar

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एक बार  एक  अति  भयंकर  शराबी  शराब  पी  कर  के  एक  मंदिर  के  बहार  पड़ा  था . उसकी  बेसुध  हालत  देख  कर  मंदिर  के  पुजारी  जी  ने  कहा …

”बेटा  ऐसे  बहार  है  क्यूँ  पड़ा ,जब  मंदिर  है  इतना  बड़ा” ..

शराबी:- अच्छा …!! मंदिर  है  इतना  बड़ा  तो  धरती  पर  है  क्यूँ  पड़ा ???

पुजारी – बेटा  धरती  माता  सबसे  बड़ी ….

शराबी:- धरती  माता  यदि  सबसे  बड़ी , (hichch..) तो  शेष  नाग  के  ऊपर  क्यूँ  पड़ी ???

पुजारी – बेटा  शेष  नाग  सबसे  बड़े ..

शराबी:- शेष  नाग  सबसे  बड़े ??? तो  फिर  ये  शिवजी  के  गले  में  क्यूँ  पड़े ???

पुजारी – बेटा , शिव भगवान   , शेष  नाग  से  भी  बड़े ..

शराबी:- लेकिन  शिवजी  तो  कैलाश  पर  है  खड़े ??

पुजारी ओह्ह  बेटा !!! कैलाश  पर्वत  उनसे  भी  बड़ा

शराबी:- कैलाश  कैसे  हुए  बड़े ??? उन्हें  तो  हनुमान  जी  ले  के  उड़े ..?

पुजारी – बेटा ! हनुमान  जी  सबसे  बड़े …

शराबी:- लेकिन .. (hichch..) हनुमान  जी  तो  श्री   राम  के  चरणों  में  पड़े ..??

पुजारी – ओह्ह  बेटा !! श्री  राम  बड़ो  के  भी  बड़े …

शराबी:- लेकिन  राम  तो  सीता  माता  के  पिछे   पड़े ..??

पुजारी – सीता  माता  जग  में  सबसे  बड़ी …

शराबी:- अगर  सीता  माता  है  सबसे  बड़ी .. तो  वोह  राम -लक्ष्मण  के  साथ  आपके  मंदिर  में  है  क्यूँ  पड़ी ???

पुजारी  चिल्लाकर — अबे  अब  तू  ही  बता  की  दुनिया  में  है  कौन  सबसे  बड़ा ????

शराबी  मुस्कुराकर – पंडित  जी .. वोही  है  सबसे  बड़ा  जो  शराब  पीकर , है  आपके  मंदिर  के  बहार  पड़ा ….

मना लेता तुझे

Posted: October 5, 2010 in Poetry

दर्द तो जीने नहीं देता मुझे और मैं मरने नहीं देता उसे, रूठने का गर मुझे होता पता क्या मैं खुद ही न मना लेता तुझे।